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अस्पताल रेलवे स्टेशन व बस अड्डों के पास जरूर बने रैन बसेरा

ठंड व कोहरे के मद्देनजर नगर विकास मंत्री ने दिये स्पष्ट दिशानिर्देश

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लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कि सभी निकायों में बेसहारा, निराश्रितों, बेघरों व गरीबों को ठंड और शीतलहर के प्रकोप से बचाने के लिए सभी रैन बसेरों को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाये। इन रैन बसेरों में पर्याप्त गर्म कपड़े, रजाई, कम्बल का मुकम्मल इंतजाम हो। सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की भी व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि इस समय कोई भी व्यक्ति ठंड में खुले आसमान के नीचे, फुटपाथों, सड़कों के किनारे सोने को मजबूर न हो। शहरों में बनाये गये स्थायी एवं अस्थायी रैन बसेरों की लोगों को जानकारी देने के लिए पर्याप्त शाइनेज लगाये जायें, जिसमें संचालक का नाम व मोबाइल नम्बर भी दर्ज हो।
नगर विकास मंत्री ने गुरूवार को कहा कि रैन बसेरों में बेहतर साफ-सफाई पर ध्यान दें तथा महिलाओं व पुरूषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था के साथ संचालित किये जायें। उन्होंने कहा कि देर रात भी कोई व्यक्ति रैन बसेरे पर पहुँचता है, तो उसके लिए भी ठहरने की व्यवस्था हो। उन्होंने सभी निकाय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चीन सहित कई अन्य देशों में इस समय कोविड-19 महामारी व्यापक रूप से फैल रही है। इसके दृष्टिगत माननीय प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी ने भी इसकी चिन्ता व्यक्त की है और सभी कार्यक्रमों को कोविड की गाइडलाइन के अनुसार ही संचालित करने को कहा है। उन्होंने लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से सभी रैन बसेरों में विशेष सतर्कता बरतते हुए कोरोना के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का अनुपालन कराया जाये तथा हेल्पडेस्क की स्थापना के साथ नियमित रूप सेनेटाइजेशन की भी व्यवस्था करायी जाए। उन्होंने निकायों के सभी रैन बसेरों की सघन मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए, जिससे की कोई भी अव्यवस्था न होने पाये। कहा कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त पानी एवं बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराने तथा विस्तरों की नियमित साफ-सफाई कराने को कहा। सभी आश्रय स्थलों पर लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। कोई भी व्यक्ति रैन बसेरा में रात में भूखा न सोये इसकी भी चिन्ता करनी है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के दौरान लोगों को गरम पानी और हो सके, तो गर्म चाय की भी व्यवस्था करायी जाये। उन्होंने कहा कि अस्पताल, मेडिकल कालेज, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन ऐसे स्थल है जहां पर लोगों की मजबूरियां व समस्याएं होती हैं। ऐसे स्थलों पर रैन बसेरे जरूर बनाये जायें, जिससे कि उन्हें ऐसे मौसम में आश्रय मिल सके।
उन्होंने बताया कि सभी नगरीय निकायों में बेघरो, निराश्रितों के लिए पूरे प्रदेश में अभी तक 25,991 लोगों के रहने की क्षमता के कुल 1142 स्थायी/अस्थायी रैन बसेरे बनाये गये, इसमें से 12,329 क्षमता के 343 स्थायी रैन बसेरे तथा 13,662 क्षमता के 799 अस्थायी रैन बसेरे बनाये गये हैं।

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