
बीबीएयू में ‘विकसित भारत में डॉ. अम्बेडकर की दृष्टि’ विषय पर काव्यपाठ प्रतियोगिता आयोजित
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के विधि विभाग द्वारा 30 अप्रैल को ‘भारतीय संविधान के तहत विकसित भारत में डॉ. अम्बेडकर की दृष्टि’ विषयक काव्यपाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन विधि अध्ययन विद्यापीठ के संकायाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार चढ्ढा की अध्यक्षता तथा कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सुदर्शन वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत बाबासाहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। तत्पश्चात प्रो. संजीव कुमार चढ्ढा ने प्रतिभागियों और उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए कहा कि कविता केवल शब्दों का विन्यास नहीं, बल्कि भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है, जिसे पहचानना और प्रोत्साहित करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने बाबासाहेब के जीवन और व्यक्तित्व को साहित्यिक अभिव्यक्ति का अनूठा स्रोत बताया।कार्यक्रम में डॉ. सूफिया अहमद ने अपनी स्वरचित कविता का पाठ करते हुए विद्यार्थियों को लेखन के प्रति उत्साहित किया। उन्होंने साहित्यिक अभिव्यक्ति को सामाजिक बदलाव का माध्यम बताया।काव्यपाठ प्रतियोगिता में विधि विभाग के विद्यार्थियों ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन, उनके शैक्षिक संघर्ष, समाज सुधार के प्रयास, तथा उनके आदर्शों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। प्रतिभागियों की कविताओं का मूल्यांकन विषयवस्तु, भाषा, रचनात्मकता, प्रस्तुति शैली और सामाजिक प्रभाव के आधार पर किया गया।इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य डॉ. राजकुमार परिचेता और डॉ. नीतीश कुमार चतुर्वेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. अनीस अहमद, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. मुजीबुर्रहमान सहित विधि विभाग के अन्य शिक्षकगण, शोधार्थी, प्रतिभागी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल सृजनात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बना, बल्कि संविधान, समाज और साहित्य के बीच के संबंध को भी रेखांकित करने का अवसर प्रदान किया।
