
पुण्यश्लोक लोकमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने संगोष्ठी में दी महत्वपूर्ण बातें
पुण्यश्लोक लोकमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने संगोष्ठी में दी महत्वपूर्ण बातें
लखनऊ: पुण्यश्लोक लोकमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर जी का जीवन नारी शक्ति का प्रतीक होने के साथ-साथ भारत की समृद्ध संस्कृति को पुनः स्थापित करने के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने मुगलों द्वारा विध्वंसित 250 से अधिक मठ-मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया था। उन्हीं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर वर्तमान में माननीय प्रधानमंत्री भारत की विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के दो वर्ष के सेवा समर्पण के अवसर पर तथा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर नगर निगम द्वारा आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने सबसे पहले अहिल्याबाई होल्कर जी के स्मृति चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।अपने संबोधन में मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार नए भारत और नए प्रदेश के निर्माण के लिए काम कर रही है। प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि नगरीय जीवन के ईको सिस्टम को दुरुस्त कर शहरों की जीवन गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे निवेश में बढ़ोतरी होगी।नगर विकास मंत्री ने विशेष रूप से बताया कि रक्षा मंत्री जी के प्रयासों से ब्रह्मोस मिसाइल का नया उत्पादन केंद्र लखनऊ में स्थापित हुआ है, जिससे लखनऊ की विश्वव्यापी पहचान ब्रह्मोस मिसाइल के उत्पादक शहर के रूप में होगी। भारत सैन्य उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण के लिए नगर निकायों में मैन और मशीन का उपयोग बढ़ाया गया है। हजारों बेकार पड़ी मशीनों और वाहनों की मरम्मत कर पुनः उपयोगी बनाया गया, जिससे डीजल की बचत होती है। लखनऊ के शिवरी प्लांट में कूड़े के ढेर को समाप्त करने का काम भी जारी है, जहां अब तक 19-20 लाख टन कूड़ा खत्म किया जा चुका है। शिवरी की सफाई व्यवस्था देश-विदेश में सराही जा रही है और कई लोग व्यवस्था देखने आ रहे हैं। सफाई कर्मी सुबह 5 बजे से अपने कार्य में जुट जाते हैं, जिनका यह समर्पण अत्यंत प्रशंसनीय है। डीसीसीसी के माध्यम से सफाई कार्यों की नियमित ऑनलाइन निगरानी भी की जा रही है।मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने हेतु कचरे को संसाधित कर कंचन (सोना) बनाने का काम किया जा रहा है। इस दिशा में लखनऊ का यूपी दर्शन पार्क तथा प्रयागराज का शिवालय पार्क कचरे से बने पर्यावरणीय स्थल हैं, जो अत्यंत सुंदर और दर्शनीय हैं। लखनऊ में प्रतिदिन कूड़ा प्रबंधन क्षमता 2000 टन से बढ़ाकर 4000 टन की गई है, तथा कूड़ा स्थलों को साफ-सुथरा और उपयोगी बनाया गया है।उन्होंने बताया कि उनके साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में नगर विकास के लिए आधा दर्जन से अधिक नई योजनाएं चलाई गई हैं। प्रदेश के नगर वैश्विक नगर बनने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रयागराज और वाराणसी में वन डे गवर्नेंस केंद्र की व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे नागरिकों को जरूरी प्रमाण पत्र एक ही दिन में मिल जाएंगे। लखनऊ में भी इसी तरह का केंद्र तैयार हो चुका है।नगर विकास मंत्री ने नगर निगम के भवन निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया ताकि महापौर सुषमा खर्कवाल वहां से अपना कामकाज शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि सफाई के लिए मशीने वार्डों में रखी गई हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे निविदा कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सभी निकाय प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि सफाई जैसे पुण्य कार्यों में बाधा न डाली जाए और मैन-मशीन का उचित इस्तेमाल कर सफाई सुनिश्चित की जाए।कार्यक्रम में लखनऊ नगर निगम के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इसमें मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह, जोनल अधिकारी संजय कुमार यादव, विकास शर्मा, अजीत राय, अधिशासी अभियंता जलकल उत्कर्ष राय, लेखा अधिकारी पंकज कुमार सोनी शामिल थे। साथ ही महापौर सुषमा खर्कवाल के दो वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी हुआ।इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री कौशल किशोर, विधायक योगेश शुक्ला, एमएलसी मुकेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग, नगर निगम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
