
गांवों को सशक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने की बड़ी समीक्षा बैठक, पंचायत भवनों की तालाबंदी पर जताई सख्त नाराजगी
गांवों को सशक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने की बड़ी समीक्षा बैठक, पंचायत भवनों की तालाबंदी पर जताई सख्त नाराजगी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार को पंचायतीराज निदेशालय, अलीगंज लखनऊ में विभागीय योजनाओं, बजट और विकास कार्यों की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने ग्राम्य विकास को मजबूती देने की दिशा में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत भवनों को जनसंपर्क व सेवा का केंद्र बनाया जाए, न कि केवल नाम मात्र की इमारत। उन्होंने पंचायत भवनों में ताले लगे होने की शिकायतों को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में मंत्री ने निर्देश दिया कि पंचायत सहायकों के अवकाश की जानकारी पंचायत भवन के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए और सभी पंचायत उत्सव भवनों में एक जैसी रंगाई-पुताई की जाए ताकि एक अनुशासित व सौंदर्यपरक वातावरण का निर्माण हो सके।उन्होंने राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान को औपचारिकता न मानते हुए ग्राम्य जीवन की हरियाली और जलवायु संतुलन के लिए अनिवार्य बताया। साथ ही वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत करने की आवश्यकता जताते हुए ओएसआर व पंचायतीराज पोर्टल की समीक्षा की।मंत्री ने परफॉर्मेंस ग्रांट के अंतर्गत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि एसएनए ‘स्पर्श’ पोर्टल पर सभी जिलों से वित्तीय विवरण समय पर फीड किया जाए ताकि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता से बचा जा सके।स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत सामुदायिक शौचालयों की नियमित मॉनिटरिंग, संचालन व भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता से संचालित व्यवस्थाएं ही ग्राम पंचायतों की साख को मजबूत करेंगी।बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को पंचायत स्तर पर जन जागरूकता के माध्यम से आंदोलनात्मक स्वरूप देने, गोबरधन योजना व कान्हा गौशालाओं से प्राप्त गोबर के वैज्ञानिक उपयोग हेतु बायोगैस प्लांट, जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं से पंचायतों को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलेगी और प्राप्त आय पंचायत खातों में जमा कर विकास कार्यों में पारदर्शी रूप से उपयोग होनी चाहिए।प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार ने जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की डीपीआर समयबद्ध तरीके से तैयार कर जिला पंचायतों को भेजी जाए। भूमि विवादों के शीघ्र समाधान के साथ कार्य आरंभ करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत किए जाएं।निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह ने आश्वस्त किया कि मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाएगा।इस बैठक में विशेष सचिव राजेश त्यागी, संयुक्त निदेशक एसएन सिंह, उप निदेशकगण और समस्त जिला पंचायत राज अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को ग्रामीण विकास की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
