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लखनऊ में डॉक्टर के क्लीनिक में ताला तोड़कर की गई चोरी का खुलासा, नौकर मिशेल कपूर गिरफ्तार, नेपाल भागने से पहले ही पुलिस ने दबोचा

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लखनऊ में डॉक्टर के क्लीनिक में ताला तोड़कर की गई चोरी का खुलासा, नौकर मिशेल कपूर गिरफ्तार, नेपाल भागने से पहले ही पुलिस ने दबोचा

लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की महानगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉक्टर के क्लीनिक में ताला तोड़कर की गई चोरी की वारदात का मात्र आठ घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पीड़ित डॉक्टर के नौकर को ही आरोपी पाया गया, जो घटना के बाद नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस ने उसे बहराइच जिले के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से नकद ₹1,47,030 के साथ-साथ कई कीमती जेवरात भी बरामद किए गए हैं।मामला लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र स्थित छन्नीलाल चौराहा के पास स्थित एक क्लीनिक का है, जहां डॉ. लुबना कमाल नामचीन डॉक्टर हैं। उन्होंने 12 जुलाई को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके क्लीनिक में वर्षों से कार्यरत नौकर मिशेल कपूर ने 11 जुलाई की रात क्लीनिक का ताला तोड़कर नकदी व जेवरात चुरा लिए और मौके से फरार हो गया। इतना ही नहीं, आरोपी ने क्लीनिक में रखे टीवी, लैपटॉप, पंखा आदि सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।पुलिस ने शिकायत के आधार पर त्वरित एफआईआर दर्ज करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें मिशेल कपूर की हरकतें साफ नजर आईं। इसके बाद सर्विलांस की मदद से उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई, जो बहराइच जिले के रूपैडिहा सीमा क्षेत्र में मिली। टीम तत्काल वहां रवाना हुई और उसे भारत-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया, जहां वह किराये की इनोवा गाड़ी से नेपाल भागने की फिराक में था।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से चोरी गया सारा सामान बरामद कर लिया, जिसमें एक लाख सैंतालीस हजार तीस रुपये नकद, पीली और सफेद धातु से बने जेवरात—हार, माला, पायल, बाली, बुंदा, अंगूठी, नाक की कीलें, पेंडेंट और चार घड़ियां शामिल हैं। आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई महानगर थाना की टीम द्वारा पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ की गई। सीमावर्ती जिले में तत्काल पहुंचकर आरोपी की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि लखनऊ पुलिस घटनाओं के त्वरित निस्तारण के लिए हर समय सतर्क और तैयार है।इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक उत्कर्ष त्रिपाठी और उपनिरीक्षक शिवम दीक्षित की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर को उनका सामान सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया कि किसी भी आपराधिक मंशा को अंजाम देने वाले अब पुलिस की पकड़ से दूर नहीं हैं, चाहे वे नेपाल जैसे अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की ओर ही क्यों न भाग रहे हों। लखनऊ पुलिस की तेज कार्रवाई ने एक बार फिर कानून व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत किया है।

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