
7 बच्चों की गई जान, परिजनों का बवाल।
Jhalavad News: लंबे शासनकाल के दौरान यहां खूब विकास हुआ। यहां छावनी और बड़े घर और हवेलियां भी बनीं। राणा भवानी सिंह जी ने झालावाड़ राज्य के विकास में उल्लेखनीय कार्य किया। वर्तमान में झालावाड़ का जिक्र होते ही प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे याद आती हैं।

इतने विकास के बाद मौजूदा समय में एक बार फिर से झालावाड़ एक बार फिर से दिल्ली से लेकर राजस्थान में सुर्खियों में बना हुआ है। इसकी वजह है जिले के मनोहरथाना इलाके के पिपलोदी गांव का सरकारी स्कूल। सरकारी स्कूल में एक बड़ा हादसा होता हो गया। स्कूल की इमारत गिरने से क्लास में पढ़ रहे 35 बच्चे दब गए। चारों तरफ चीख पुकार मच गई। इस हादसे में अब तक 7 बच्चों की मौत हो चुकी है। हर बार की तरह प्रशासन ने राहत बचाव के बाद मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री ने इसकी जिम्मेदारी ले ली है। हादसे में मरने वाले बच्चों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान कर दिया है। खबर है कि राज्य के सीएम घटना स्थल का दौरा करने वाले हैं। ऐसे में स्कूल तक जाने वाली सड़क की मरम्मत में प्रशासनिक अधिकारी जुट गए हैं। इसे बेशर्मी नहीं तो क्या कहेंगे? कि जर्जर स्कूल को मरम्मत कराने के लिए सरकार की तरफ से पैसे नहीं निकले लेकिन अब मुख्यमंत्री के आने से पहले चेहरा चमकाने के लिए सड़क की मरम्मत करा रहे हैं हादसे में जान गंवाने वाला 8 साल का छात्र कार्तिक तो चार बहनों का इकलौता भाई था। ऐसे में अब परिवार के आंसू नहीं थम रहे हैं। बहनों का कहना है कि अब वह किसे राखी बांधेंगी। वहीं, एक दूसरे घर से एक ही अर्थी पर भाई-बहन की लाश भी उठी। इस स्कूल की पहली क्लास में कान्हा तो बहन मीना 5वीं क्लास में पढ़ती थी। दोनों बच्चों को गंवाने के बाद पिता छोटूलाल के पास अब खोने के लिए शायद कुछ भी नहीं है।