diwali horizontal

अमेरिकी टैरिफ नीति पर मायावती का तीखा हमला, कहा– भारत को ‘विश्वासघात’ झेलना पड़ा, राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर दीर्घकालीन रणनीति जरूरी

0 76

अमेरिकी टैरिफ नीति पर मायावती का तीखा हमला, कहा– भारत को ‘विश्वासघात’ झेलना पड़ा, राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर दीर्घकालीन रणनीति जरूरी

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी भरकम टैरिफ (50 प्रतिशत शुल्क) को लेकर केंद्र सरकार से लेकर पूरे राजनीतिक नेतृत्व को कठघरे में खड़ा करते हुए इस कदम को “विश्वासघाती व देश को कमज़ोर करने वाला” करार दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ने इसे ‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकी’ बताया हो, लेकिन जनता इसे सीधे-सीधे ‘डोनाल्ड ट्रम्प मित्रता’ के बावजूद भारत के खिलाफ एक बड़ा आघात मान रही है।मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर कहा कि जिस तरह अमेरिका ने ब्राजील जैसे ब्रिक्स देशों के साथ भारत पर भी भारी टैरिफ लगाकर आर्थिक चोट पहुंचाई है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने जोर दिया कि इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए अब राजनीतिक मतभेद, संकीर्ण स्वार्थ और द्वेष से ऊपर उठकर दीर्घकालिक राष्ट्रीय रणनीति के तहत काम करने की जरूरत है।उन्होंने कहा, “देश में अमन-चैन और कानून व्यवस्था के साथ एकजुट होकर पूरी मुस्तैदी से कार्य करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।” साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि संसद के मौजूदा सत्र में इस मुद्दे पर गंभीर विमर्श होना चाहिए, ताकि देशहित में कोई ठोस नीति बनाई जा सके।बसपा सुप्रीमो ने यह भी कहा कि देश के मानवतावादी संविधान की मंशा के अनुसार उनकी पार्टी ‘सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय’ की राजनीति करती रही है। लेकिन उन्होंने यह चिंता भी जताई कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच लगातार अविश्वास, टकराव और खींचतान की स्थिति बनी हुई है, जो अब समाप्त होनी चाहिए।मायावती ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें आंतरिक और संकीर्ण मुद्दों में उलझी रहेंगी, तो ऐसी वैश्विक चुनौतियों से निपटना मुश्किल होगा। उन्होंने राजनीतिक परिपक्वता और व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यही आज जनहित और देशहित की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.