
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश पोल्ट्री एंड एनिमल हेल्थ एक्सपो 2025’ का भव्य शुभारंभ, पशुपालन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश पोल्ट्री एंड एनिमल हेल्थ एक्सपो 2025’ का भव्य शुभारंभ, पशुपालन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज “उत्तर प्रदेश पोल्ट्री एंड एनिमल हेल्थ एक्सपो 2025” का भव्य शुभारंभ हुआ। यह दो दिवसीय आयोजन 7 से 8 नवम्बर 2025 तक चलेगा, जिसमें पोल्ट्री और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों उद्यमी, विशेषज्ञ, कंपनियाँ और किसान भाग ले रहे हैं।एक्सपो का उद्घाटन प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. जयकेश कुमार पांडे, पूर्व निदेशक, पशुपालन विभाग तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी, उप निदेशक, पशुपालन विभाग; श्री एम. बहल, चेयरमैन, अल्लाना ग्रुप; श्री एफ.एम. शेख, अध्यक्ष, च्वनसजतल थ्ंतउमते ंदक ठतममकमते ॅमसंितम थ्मकमतंजपवद; डॉ. तरुण कुमार त्रिपाठी, पूर्व निदेशक, पशुपालन विभाग तथा श्री अरिंदम सिंघा रॉय, कार्यकारी निदेशक, ब्।त्क् भी उपस्थित रहे।एक्सपो में देश-विदेश की अनेक प्रमुख कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जिनमें पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी नवीनतम तकनीकें, उपकरण, फ़ीड, औषधियाँ, टीकाकरण समाधान और पोल्ट्री उत्पादन से संबंधित अत्याधुनिक सेवाएँ प्रदर्शित की गई हैं। कार्यक्रम में राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों से आए पोल्ट्री, डेयरी और एनिमल हसबैंड्री क्षेत्र के अनेक हितधारक, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप प्रतिनिधि और उद्यमी भी मौजूद रहे।आयोजन का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश पोल्ट्री नीति 2025 के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उद्यमिता और स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करना, पशुपालकों, किसानों और उद्योग जगत के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत बनाना तथा पशु स्वास्थ्य, जैव-सुरक्षा और आधुनिक उत्पादन तकनीकों पर व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आगंतुकों की उपस्थिति रही और सभी प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। एक्सपो के दूसरे दिन, 8 नवम्बर 2025 को, पैनल डिस्कशन, तकनीकी सत्र और उद्यमिता पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा देने और निवेश एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
