
जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं सुनकर मंत्री ए.के. शर्मा ने दिए त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं सुनकर मंत्री ए.के. शर्मा ने दिए त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
HIGHLIGHTS
नगर निकायों में विद्युतीकरण के लिए आवंटित धनराशि और कराए गए कार्यों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश
विद्युत बिल सुधार, कनेक्शन, क्षमता वृद्धि, पेयजल, आवास, जलभराव और सड़क निर्माण से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं
जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: मंत्री ए.के. शर्मा
लखनऊ, 3 सितम्बर 2026:नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आज अपने आवास पर जनसुनवाई कर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान लोगों ने स्थानांतरण, विद्युत बिल में सुधार, विद्युत कनेक्शन, विद्युत क्षमता वृद्धि, पेयजल, आवास, जलभराव एवं सड़क निर्माण सहित विभिन्न समस्याओं से मंत्री जी को अवगत कराया।
मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को विद्युत कनेक्शन, बिल सुधार, क्षमता वृद्धि एवं अन्य विद्युत सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।

मंत्री श्री शर्मा ने नगर विकास विभाग द्वारा विद्युत विभाग को नगरीय निकायों में विद्युतीकरण के लिए प्रेषित एवं आवंटित धनराशि, उसके सापेक्ष कराए गए कार्यों तथा शेष कार्यों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवंटित धनराशि का उपयोग निर्धारित कार्यों में प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।

श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ संबंधित व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें