diwali horizontal

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के एसआईआर में जातीय जनगणना का कॉलम जोड़ने की मांग की

0 50

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के एसआईआर में जातीय जनगणना का कॉलम जोड़ने की मांग की

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के एसआईआर में जातीय जनगणना के लिए एक कॉलम जोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का काम शुरू हो चुका है, जिसमें सरकारी अधिकारी, बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ऐसे में यदि इस प्रक्रिया में जातीय जनगणना का कॉलम जोड़ दिया जाए तो प्राथमिक स्तर पर ही जातीय आंकड़ों का संकलन हो सकेगा।
समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि जातीय जनगणना से नीतियां बनाने, योजनाएं लागू करने और गरीबों को सामाजिक-आर्थिक रूप से बराबरी पर लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के साथ ही जातीय कॉलम जोड़कर जनगणना करने से मंडल कमीशन की तरह सामाजिक न्याय के फैसले लेना आसान होगा और सामाजिक न्याय के राज की स्थापना में सहायता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस सुझाव को स्वीकार कर लागू करेगी।बिहार विधानसभा चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जिन मुद्दों को उठा रही है, उन पर उसने केंद्र में रहते हुए कुछ नहीं किया। बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर है, हत्याएं हो रही हैं और चुनाव के दौरान भी घटनाएं हो रही हैं, जो प्रदेश व केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती हैं।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भाजपा के संगठन में ही अब महिलाएं अपने नेताओं से सवाल पूछ रही हैं और शोषण के आरोप लगा रही हैं। भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार और अपमान चरम पर पहुंच गया है।किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई और बढ़ती लागत के अनुपात में गन्ने का मूल्य बहुत कम बढ़ाया गया है। सरकार बड़े-बड़े विज्ञापन दे रही है लेकिन किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मिल मालिकों से मिली हुई है। बहराइच की चीनी मिल किसानों का सौ करोड़ रुपये से अधिक बकाया लेकर भाग गई। खाद, डीएपी, एनपीके और डीजल महंगा हो गया है, जबकि धान की खरीद एमएसपी पर नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मंडियों को खत्म कर उन्हें निजी हाथों में देने की साजिश कर रही है। शहरों में किसानों की मंडियां कीमती जमीनों पर हैं जिन्हें सरकार बेचने की तैयारी में है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। काकोरी और बलरामपुर की घटनाएं इसका उदाहरण हैं। भाजपा की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति सिर्फ कागजों में है।उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में स्वास्थ्य सेवाएं बर्बाद हो चुकी हैं। गरीबों को इलाज नहीं मिल पा रहा। समाजवादी सरकार के समय 4 लाख करोड़ रुपये के बजट में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं से गरीबों को मुफ्त इलाज मिलता था। आज जब बजट 8 लाख करोड़ का है, तब स्वास्थ्य सेवाएं चौपट हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीबों का इलाज फिर से मुफ्त किया जाएगा, अस्पतालों की स्थिति सुधारी जाएगी और एम्बुलेंस सुविधाओं को और विस्तारित किया जाएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.