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दूसरी बार CM बने हिमंत

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दूसरी बार CM बने हिमंत

ASAM LIVE:असम की राजनीति में आज एक बड़ा और ऐतिहासिक दिन देखने को मिला, जब Himanta Biswa Sarma ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी साफ नजर आया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें Rameswar Teli, Atul Bora, Charan Boro और Ajanta Neog शामिल हैं। इस मौके पर बीजेपी और एनडीए ने असम में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का खुला प्रदर्शन किया।

शपथ ग्रहण समारोह में देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत बीजेपी और एनडीए शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और बीजेपी के बड़े नेता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह के दौरान बीजेपी नेतृत्व ने हिमंत बिस्वा सरमा की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में असम ने विकास, सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के नए आयाम हासिल किए हैं।

असम विधानसभा चुनाव में एनडीए की शानदार जीत ने यह साफ कर दिया कि राज्य में बीजेपी का जनाधार लगातार मजबूत हुआ है। चुनाव में बीजेपी ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी Asom Gana Parishad यानी एजीपी और Bodoland People’s Front यानी बीपीएफ ने 10-10 सीटें जीतकर गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रचंड जीत को बीजेपी नेतृत्व ने पूर्वोत्तर में अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता बताया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंत बिस्वा सरमा ने पिछले कार्यकाल में जिस तरह कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और निवेश के मुद्दों पर काम किया, उसका फायदा बीजेपी को चुनाव में मिला। खासतौर पर अवैध घुसपैठ, पहचान की राजनीति और विकास के मुद्दों पर बीजेपी की रणनीति सफल रही। यही वजह रही कि विपक्ष इस चुनाव में एनडीए के सामने कमजोर नजर आया।

अपने शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ काम करेगी। उन्होंने कहा कि असम को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार, उद्योग, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

बीजेपी के लिए यह जीत सिर्फ असम तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पूरे पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की राजनीतिक पकड़ मजबूत होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में बीजेपी ने पूर्वोत्तर में जिस तेजी से विस्तार किया है, उसमें हिमंत बिस्वा सरमा की रणनीतिक भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें पूर्वोत्तर की राजनीति का सबसे प्रभावशाली चेहरा मानता है।

अब सबकी नजरें हिमंत सरकार के दूसरे कार्यकाल पर टिकी हैं। जनता की उम्मीदें पहले से ज्यादा बढ़ चुकी हैं और बीजेपी के सामने अपनी विकास और सुशासन की छवि को बनाए रखने की चुनौती होगी। दूसरी ओर विपक्ष भी सरकार के हर फैसले पर नजर रखेगा। लेकिन फिलहाल असम में बीजेपी और एनडीए के लिए यह जश्न और राजनीतिक मजबूती का बड़ा संदेश माना जा रहा है।

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