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 दुबग्गा में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, नाका थाना साइबर टीम ने लौटाई ठगी की रकम

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 दुबग्गा में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, नाका थाना साइबर टीम ने लौटाई ठगी की रकम

लखनऊ: राजधानी लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत पश्चिमी जोन की पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक ओर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगी का शिकार बनी महिला की पूरी धनराशि वापस कराई। दोनों मामलों में पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की जा रही है।दुबग्गा थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को अमन लोधी उर्फ गोलू नामक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने वादिनी की तहरीर पर मु0अ0सं0 0460/2025 धारा 87/137(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर जांच प्रारंभ की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी अमन लोधी उर्फ गोलू पुत्र बेचा निवासी शाहपुर भमरौली, थाना दुबग्गा, लखनऊ (उम्र लगभग 19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। साथ ही पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया गया। इस गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक धीरज भारद्वाज, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय और कांस्टेबल विपिन मौर्या की विशेष भूमिका रही।वहीं, दूसरी ओर थाना नाका हिण्डोला की साइबर क्राइम टीम ने ऑनलाइन ठगी से संबंधित धनराशि वापस कराकर एक मिसाल पेश की। आवेदिका श्वेता सिंह, पत्नी जितेन्द्र सिंह ने थाना नाका में शिकायत दी थी कि उनके बैंक खाते से किसी अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए ₹5,500 की धनराशि निकाल ली है। शिकायत मिलते ही नाका थाना पुलिस की साइबर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से संदिग्ध बैंक खाते का पता लगाकर उसे फ्रीज़ कराया। बैंक से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप आवेदिका की पूरी राशि वापस करा दी गई।आवेदिका ने नाका पुलिस और साइबर टीम के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है। इस कार्य में प्रभारी निरीक्षक श्रीकान्त राय, उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह और उपनिरीक्षक सत्येन्द्र सैनी की प्रमुख भूमिका रही।लखनऊ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या KYC अपडेट के नाम पर मांगी जा रही जानकारी साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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