diwali horizontal

मऊ में स्वतंत्रता दिवस समारोह: ए.के. शर्मा का प्रेरक संबोधन, शहीदों को नमन और विकास की नई दिशा का ऐलान

0 106

मऊ में स्वतंत्रता दिवस समारोह: ए.के. शर्मा का प्रेरक संबोधन, शहीदों को नमन और विकास की नई दिशा का ऐलान

मऊ, उत्तर प्रदेश : आज़ादी की 79वीं वर्षगांठ पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ में आयोजित सरकारी समारोह में ध्वजारोहण करने के बाद एक भावनात्मक, प्रेरणादायी और दूरदर्शी संबोधन दिया। उनका वक्तव्य केवल औपचारिक भाषण नहीं बल्कि पूर्वांचल के युवाओं, नेताओं और जनता के लिए एक गूंजता हुआ संदेश साबित हुआ।समारोह की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों के सम्मान से हुई। ए.के. शर्मा ने कहा कि आज़ादी किसी एक व्यक्ति का योगदान नहीं बल्कि हजारों-लाखों वीरों की कुर्बानी का परिणाम है। उन्होंने अमर शहीदों और उनके परिजनों को नमन करते हुए कहा कि माताओं की आंखों के आंसुओं में भी तिरंगे की चमक बसती है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके बलिदान को सहेजकर आगे बढ़ें।अपने संबोधन में मंत्री ने पूर्वांचल और विशेषकर मऊ के विकास की दिशा स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बुनियादी सुविधाओं, बिजली, सड़क, स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में ठोस काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मऊ को आधुनिक स्वरूप देने के लिए बिजली और नगर विकास विभाग ने पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसके साथ ही मऊ-बलिया मार्ग का चौड़ीकरण और पांच रेलवे ओवरब्रिज जैसी नई परियोजनाओं को जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।युवाओं को संबोधित करते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि भविष्य सिर्फ नारे और नारों की राजनीति से नहीं बल्कि मेहनत और कर्म से बनता है। उन्होंने युवा उद्यमी योजना और औद्योगिक संकुल की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नौजवानों के लिए अब अवसर खुले हैं, उन्हें समय का मूल्य समझकर आगे बढ़ना चाहिए।मंत्री ने अपने भाषण में उन नेताओं पर भी करारा प्रहार किया जिन्होंने दशकों तक राजनीति में रहते हुए भी विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने नौजवानों के हाथों में हुनर और अवसर देने की बजाय कट्टे और बंदूकें पकड़ा दीं और मऊ जैसे व्यापारिक नगर को अपराध के गर्त में धकेल दिया। शर्मा ने जोर देकर कहा कि राजनीति केवल लंबे कार्यकाल से नहीं, बल्कि परिणामों से आंकी जाती है।उन्होंने स्पष्ट किया कि मऊ अब परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है और चार वर्षों में हुए काम उसकी गवाही देते हैं। उन्होंने युवाओं और नवनेताओं को मूलभूत जिम्मेदारियों के निर्वहन का संदेश देते हुए कहा कि राजनीति केवल वर्चस्व का खेल नहीं, बल्कि जनता के विकास की साधना है।भाषण से पहले ए.के. शर्मा ने विकास योजनाओं पर लगे स्टॉलों का अवलोकन किया और आयोजकों को प्रोत्साहित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले बच्चों को अपने पास बिठाकर उनका उत्साहवर्धन किया और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का पांव छूकर सम्मान किया।समारोह आज़ादी के पर्व का प्रतीक ही नहीं बल्कि जिम्मेदारी और संकल्प का संदेश बनकर समाप्त हुआ, जिसमें हर व्यक्ति को राष्ट्र और समाज के विकास की दिशा में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.