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आईबीपीएस क्लर्क परीक्षा-2025 में अन्तर्राज्यीय साल्वर गैंग का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार

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आईबीपीएस क्लर्क परीक्षा-2025 में अन्तर्राज्यीय साल्वर गैंग का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के थाना बिजनौर की टीम ने आईबीपीएस क्लर्क परीक्षा-2025 में नकल और फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा करते हुए एक अन्तर्राज्यीय साल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के 10 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 16 मोबाइल फोन, 21 एटीएम कार्ड, 9 आधार कार्ड, 7 पैन कार्ड, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, कई फोटो, पहचान पत्र और लगभग 1 लाख 53 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।थाना बिजनौर पुलिस के अनुसार यह गैंग देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाकर धोखाधड़ी करता था। इस गिरोह का सरगना आनंद कुमार है, जो यूपी ग्रामीण बैंक, संभल में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात है। इसके साथ गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में गौरव आदित्य, हर्ष जोशी, भागीरथ शर्मा उर्फ चंदन, सुधांशु कुमार, धनंजय कुमार सौरभ, राजीव नयन पांडेय, मुकेश कुमार, आशीष रंजन और अभिषेक कुमार शामिल हैं।पुलिस ने बताया कि 5 अक्टूबर को बिजनौर क्षेत्र के बीआर परीक्षा केंद्र से केंद्र संचालक शैलेंद्र बाजपेयी की सूचना पर यह कार्रवाई शुरू की गई। उन्हें आईबीपीएस से मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें बताया गया था कि एक व्यक्ति ने विभिन्न वर्षों में अलग-अलग फोटो लगाकर कई बार परीक्षा देने का प्रयास किया है। जांच में अभिषेक कुमार नामक युवक पकड़ा गया, जो गौरव आदित्य नाम के वास्तविक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने आया था।पूछताछ के दौरान अभिषेक ने बताया कि वह बिहार स्थित गिरोह का हिस्सा है, जो असली अभ्यर्थियों की जगह फर्जी अभ्यर्थियों (साल्वर) को परीक्षा में बैठाता है। पुलिस ने इसके बाद गौरव आदित्य को गिरफ्तार किया, जिसने गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम उजागर किए। इसके बाद आठ और आरोपी पकड़े गए।जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों के फोटो को “फेस मिक्सिंग ऐप” जैसे MIXX, GRINDR, REMINI AI, CHAT GPT, FOTOR आदि टूल्स के माध्यम से एडिट करते थे ताकि फर्जी और वास्तविक चेहरों में 70 प्रतिशत समानता दिखे और साल्वर परीक्षा के दौरान पकड़े न जाएं। इसके अलावा आधार कार्ड और पहचान पत्रों में भी हेराफेरी कर इन्हें परीक्षा केंद्र पर भेजा जाता था।गिरोह का सरगना आनंद कुमार प्रति उम्मीदवार लगभग 5 लाख 20 हजार रुपये तक वसूलता था। इसमें 20 हजार रुपये प्रारंभिक परीक्षा के लिए, एक लाख रुपये मुख्य परीक्षा के लिए और नौकरी लगने के बाद दो लाख रुपये लिए जाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य खुद भी विभिन्न बैंकों और सरकारी संस्थानों में कार्यरत पाए गए हैं।पुलिस ने बताया कि वांछित आरोपियों में पटना निवासी दलाल रोहित कुमार, गया निवासी योगेंद्र कुमार और जहानाबाद निवासी शिव कुमार शामिल हैं। इनके खिलाफ थाना बिजनौर पर मुकदमा अपराध संख्या 290/2025 दर्ज किया गया है, जिसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई की जा रही है।थाना बिजनौर पुलिस की इस कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं पर बड़ी चोट मानी जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि अन्य राज्यों में सक्रिय सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके।

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