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NEET विवाद पर भड़के Khan Sir, NTA से पूछे तीखे सवाल; बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

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NEET विवाद पर भड़के Khan Sir, NTA से पूछे तीखे सवाल; बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

NEET Controversy: NEET परीक्षा विवाद की, जिसने पूरे देश में लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। NEET यानी National Eligibility cum Entrance Test, जो मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है, पिछले कुछ समय से पेपर लीक और परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवालों के घेरे में रही है। इसी मुद्दे पर जाने-माने शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और National Testing Agency यानी NTA पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Khan Sir ने अपने एक वीडियो और सार्वजनिक बयानों में कहा कि अगर किसी परीक्षा में बार-बार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती हैं, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि लाखों छात्र सालों तक मेहनत करते हैं, दिन-रात पढ़ाई करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो जाएं, तो छात्रों का भरोसा टूट जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।

दरअसल, NEET परीक्षा के बाद कई राज्यों से कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों की खबरें सामने आई थीं। कुछ छात्रों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र कुछ लोगों तक पहुंच गया था। इन आरोपों के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर भी लाखों छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

Khan Sir ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर पेपर लीक हुआ है, तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी घटनाएं कैसे हो जाती हैं। उनका कहना था कि केवल जांच की घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस पूरे विवाद के बीच NTA ने भी अपना पक्ष रखा। एजेंसी ने कई मौकों पर कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया गया है और जहां भी शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच की जा रही है। NTA का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में सुरक्षा के कई स्तर मौजूद हैं और किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है। हालांकि छात्रों और विभिन्न संगठनों ने एजेंसी से और अधिक पारदर्शिता की मांग की है।

Khan Sir ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी पढ़ाई जारी रखें और निराश न हों। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद के कारण छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे।

राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा काफी गरमाया। विपक्षी दलों ने सरकार और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जबकि सरकार की ओर से कहा गया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। इस विवाद ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और करोड़ों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पूरे तंत्र की विश्वसनीयता पर असर डाल सकती है। इसलिए तकनीकी सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

Khan Sir की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों की बड़ी संख्या ने उनका समर्थन किया। कई छात्रों ने कहा कि वे केवल निष्पक्ष परीक्षा और समान अवसर चाहते हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसलिए सभी की नजर अब जांच के नतीजों और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सकेगा? क्या परीक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार होंगे जिनसे छात्रों का विश्वास और मजबूत होगा? और क्या दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो आने वाले समय के लिए एक मिसाल बने? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे।

फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की सबसे बड़ी मांग है—पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही। क्योंकि जब बात लाखों युवाओं के भविष्य की हो, तो किसी भी तरह की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

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