
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने योजनाओं की गति व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समीक्षा बैठक की
लखनऊ: प्रदेश के पंचायती राज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी एवं सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने मंत्री से भेंट कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।मंत्री राजभर ने कहा कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य और योजनाएँ निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं, ताकि आमजन को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सके।बैठक के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि अधिकांश कार्य पूर्णता की ओर हैं। इस पर मंत्री ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि कार्यों की गति और पारदर्शिता में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अमृता सिंह को निर्देशित किया कि न्यूनतम 5 करोड़ की परियोजनाओं जैसे अस्पताल, कॉलेज, छात्रावास, सद्भावना मंडप और स्टेडियम के प्रस्ताव चारों जिलों से शीघ्र शासन को उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, एएमए जिला पंचायत को शासकीय धन का जनहित में सदुपयोग सुनिश्चित करने और गड्ढा मुक्ति अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के पद रिक्त हैं, वहां शीघ्र नियुक्ति की जाए। ग्रामों में सफाई व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए और निजी क्षेत्र की सहभागिता को बढ़ावा दिया जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि घर-घर से कचरा संग्रहण अभियान को जनसहभागिता से सफल बनाया जाए ताकि स्वच्छता मिशन में स्थायी और प्रभावी परिणाम प्राप्त हों।डीपीआरओ यतेन्द्र कुमार ने अवगत कराया कि जिले में 845 पंचायत भवन क्रियाशील हैं और पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। पिछले वर्ष के सभी भवन निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और केंद्रीय एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि का पारदर्शी ढंग से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), ओडीएफ प्लस, आरआरसी केंद्र, ई-रिक्शा संचालन, ओएसआर जनरेशन, संग्रहण शुल्क और सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव संबंधी प्रगति भी प्रस्तुत की। ध्वस्त चार सामुदायिक शौचालयों का पुनर्निर्माण कार्य और दो प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट चल रहे हैं।मंत्री ने अधिकारियों की समस्याओं को सुनने के बाद निर्देश दिए कि कार्यालयों के कुशल संचालन के लिए आवश्यक धनराशि जारी की जा चुकी है और सभी अधिकारी उपकरणों एवं सामग्रियों की खरीद सुनिश्चित करें। विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार का गतिरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अमृता सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निधि गोस्वामी, सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार, एएमए जिला पंचायत श्याम बहादुर शर्मा, डीपीआरओ यतेन्द्र कुमार, अवर अभियंता विजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
