
मिशन शक्ति 5.0: छात्रा आन्या शुक्ला बनी मोहनलालगंज की एसीपी, प्रशासनिक अनुभव से हुई परिचित
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने 26 सितंबर 2025 को मोहनलालगंज क्षेत्र में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें छात्रा आन्या शुक्ला को एक दिन के लिए एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) मोहनलालगंज का कार्यभार सौंपा गया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और समाज सेवा की भावना विकसित करना तथा उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था।कार्यक्रम के दौरान आन्या शुक्ला ने एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के मार्गदर्शन में कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने थाना मोहनलालगंज का निरीक्षण किया, मिशन शक्ति केंद्र और पिंक बूथ का जायजा लिया तथा महिला आरक्षियों से उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की।छात्रा एसीपी ने क्षेत्र में भ्रमण कर नागरिकों से संवाद स्थापित किया और कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने यातायात व्यवस्था का निरीक्षण कर मार्गों पर तैनात पुलिसकर्मियों से चर्चा की और आवश्यक सुझाव दिए। जुमे की नमाज के समय स्थानीय मस्जिद में उपस्थित रहकर शांति बनाए रखने का भी ध्यान रखा गया। इस दौरान उन्हें आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम, जनसंपर्क, महिला सुरक्षा उपाय और त्वरित समस्या निस्तारण की प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई।आन्या शुक्ला सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज निगोहां, लखनऊ की छात्रा हैं। वर्ष 2024-25 में उन्होंने कक्षा 10वीं की यूपी बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मोहनलालगंज क्षेत्र की टॉपर रही हैं और वर्तमान में कक्षा 11वीं में अध्ययनरत हैं। उनके परिवार में पिता जय शंकर शुक्ला, माता अनुपमा शुक्ला और छोटी बहन आद्या शामिल हैं।इस अवसर पर एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा, प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज डी.के. सिंह, थानाध्यक्ष निगोहा श्री अनुज तिवारी और बाल अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. अमरदीप सिंह भी मौजूद रहे।पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने कहा कि यह पहल छात्राओं को वास्तविक प्रशासनिक वातावरण से परिचित कराएगी और उन्हें समाज में सशक्त नेतृत्व की प्रेरणा देगी। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह भी दिखाते हैं।इस विशेष कार्यक्रम ने छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अनुभव कराने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश देने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
