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उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ 10 हजार रुपये में होगा तीन पीढ़ियों की संपत्ति का बंटवारा।

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उत्तर प्रदेश में अब सिर्फ 10 हजार रुपये में होगा तीन पीढ़ियों की संपत्ति का बंटवारा।

Uttar Pradesh News:प्रदेश सरकार ने पैतृक संपत्ति का बंटवारा सरल और आसान बना दिया है। इससे लोग अपनी तीन पीढियां तक की संपत्ति का बंटवारा आसानी से कर सकते हैं। इसमें उन्हें ज्यादा खर्चा करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

अब वह केवल पांच हजार रुपये शुल्क और पांच हजार रुपये का स्टांप खरीदकर अपनी संपत्ति का बंटवारा कर सकते हैं। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी और उनका बंटवारा भी आसानी से हो जाएगा।

 

प्रदेश सरकार का यह ऐतिहासिक निर्णय है। वर्षों पुरानी चली आ रही परंपरा को बदलकर रख दिया है। अब तक नियम यह था कि पैतृक संपत्ति का बंटवारा कराने के लिए लोगों को कुल संपत्ति के हिसाब से चार प्रतिशत शुल्क जमा करना होता था और संपत्ति के अनुसार अलग-अलग स्टांप भी खरीदने पड़ते थे। इसकी वजह से बंटवारा और महंगा हो जाता था, जो लोग बंटवारा चाहते थे, वह खर्चा देखकर पीछे हट जाते थे और उनका रजिस्टर्ड बंटवारा भी नहीं हो पाता था।

 

हो रही थी मुकदमाबाजी

 

इसकी वजह से परिवार के ही लोगों में मुकदमाबाजी भी हो रही थी। लगातार संपत्ति बंटवारे के मामले बढ़ रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब केवल पांच हजार रुपये में तीन पीढियाें की संपत्ति का बंटवारा हो जाएगा। इसके लिए उन्हें केवल पांच हजार का शुल्क जमा करना होगा और पांच हजार का स्टांप खरीदना होगा।

 

उसके बाद उनका आसानी से बंटवारा भी हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत लोगों को अपने उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, खतौनी, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र और नामांतरण संबंधी अभिलेख या फैमिली आईडी, परिवार, रजिस्टर पहचान पत्र आदि प्रस्तुत करने होंगे। इसके अनुसार रजिस्ट्री कार्यालय में बंटवारा भी शुरू हो गए हैं।

 

बिसौली में हुआ सबसे पहला बंटवारा

 

– इस नई व्यवस्था के तहत जिले में बंटवारा शुरू हो गए हैं। सबसे पहले बंटवारा बिसौली के निबंधक कार्यालय में हुआ है। बताया जा रहा कि यहां अब तक दो बंटवारा भी हो चुके हैं। हालांकि अभी बदायूं शहर में कोई बंटवारा नहीं हुआ है लेकिन इससे लोगों की बड़ी समस्या का समाधान जरूर हो गया है।

 

न्यायालयों में नहीं बढ़ेंगे संपत्ति बंटवारे के मामले

 

बदायूं जिले में संपत्ति बंटवारे के हजारों मुकदमें न्यायालयों में चल रहे हैं लेकिन यह नियम लागू होने से मामले न्यायालयों में कम जाएंगें। उनका समाधान रजिस्ट्री कार्यालय में ही हो सकेगा और उनका बंटवारा भी आसान हो जाएगा।

 

प्रदेश सरकार ने संपत्ति का बंटवारा पहले की अपेक्षा सरल और सस्ता कर दिया है। इसमें लोगों का ज्यादा खर्चा भी नहीं होगा। वह केवल 10 हजार रुपये में अपनी तीन पीढ़ियों का बंटवारा करा सकेंगे।

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