
पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास की 113वीं जयंती पर राजधानी में श्रद्धांजलि सभा, बीबीडी परिवार ने किए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प
पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास की 113वीं जयंती पर राजधानी में श्रद्धांजलि सभा, बीबीडी परिवार ने किए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प
लखनऊ: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास जी की 113वीं जयंती राजधानी स्थित 55, पुराना किला परिसर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह आयोजन डॉ. अखिलेश दास फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें बाबू जी के परिजनों, अनुयायियों और समाजसेवियों ने भाग लिया।इस अवसर पर बाबू जी के सुपुत्र एवं बीबीडी एजुकेशनल ग्रुप के अधिशासी निदेशक आर.के. अग्रवाल और उनके सुपौत्र, बीबीडी ग्रुप एवं डॉ. अखिलेश दास फाउंडेशन के अध्यक्ष, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट, उत्तर प्रदेश बैडमिंटन संघ के चेयरमैन तथा यूपी ओलंपिक संघ के अध्यक्ष विराज सागर दास ने बाबू बनारसी दास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने बाबू जी के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।विराज सागर दास ने कहा कि बाबू बनारसी दास न केवल एक जुझारू स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि एक कुशल प्रशासक और समाजसेवी भी थे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने जनकल्याण की जो नीतियां अपनाईं, वे आज भी स्मरणीय हैं। उन्होंने कहा कि बाबू जी का जीवन दर्शन यही था कि जनसेवा ही मानव धर्म है और यही संदेश आज के दौर में भी प्रासंगिक है। उनके मूल्यों को अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस अवसर पर आर.के. अग्रवाल ने भी बाबू जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अरुण गुप्ता, कैलाश पांडेय, अशोक सिंह, डॉ. रेहान अहमद खान, सुबोध श्रीवास्तव, सुशील दुबे, वंदना राज अवस्थी, प्रिया गुप्ता, डॉ. पी.एस. जायसवाल, कमल बाल्मीकि, महेश राठौर, शान बख्शी, अतीक अंसारी, हसन आब्दी, वसीम खान, सुनील यादव, ऋषभ गुप्ता, चैधरी वीर सिंह, नवीन बाबा रस्तोगी, अनिल अवस्थी, नृपेन्द्र सिंह, आयुष बाल्मीकि, सी.पी. गोयल सहित बीबीडी परिवार के सभी सदस्यों ने पुष्पांजलि अर्पित की और बाबू जी को स्मरण करते हुए उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।पूरे आयोजन में एक भावनात्मक और प्रेरणादायी वातावरण रहा, जिसमें बाबू बनारसी दास जी के योगदानों को याद करते हुए उनके जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई।
