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ऑर्गेनिक मेंहदी कोन लाया एएमए हर्बल, औषधीय गुणों से भरपूर, है त्वचा के लिए सौ फीसदी सुरक्षित

ईकोसर्ट प्रमाणित तत्वों से बनी वेजिटल सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मेंहदी कोन पूरी तरह सुरक्षित

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लखनऊ।  नेचरल एवं आर्गेनिक डाई के उत्पादन में विश्व के अग्रणी कंपनी एमएमए हर्बल ने सावन और त्यौहारों के मौके पर सौ फीसदी प्राकृतिक एवं त्वचा के लिए पूर्ण रूप से सुरक्षित वेजिटल सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मेंहदी कोन के लॉन्च की घोषणा की है। यह किसी भी तरीके के रसायनों से पूर्ण रूप से मुक्त है।  ईकोसर्ट प्रमाणित, ऑर्गेनिक तत्वों जैसे जैतून का तेल, अंगूर के बीज का अर्क, मेंहदी आदि से बनी वेजिटल सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मेंहदी कोन औषधीय गुणों से भरपूर है।
वेजिटल सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मेंहदी कोन की खासियत के बारे में बताते हुए, एएमए हर्बल के सह-संस्थापक व सीईओ श्री यावर अली शाह ने बताया, “ऑर्गेनिक मेंहदी कोन 97% ऑर्गेनिक है और ईकोसर्ट प्रमाणित सामग्री जैतून के तेल, अंगूर के बीज के अर्क, मेंहदी से बना है। यह सौ फीसदी रसायनों से मुक्त है। इन सभी खूबियों के चलते वेजिटल सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मेंहदी बेहद सुरक्षित तरीके से लंबे समय तक गहरा रंग देता है और मेहंदी लगवाने के आंनद को बढा देता है।”
श्री यावर अली शाह ने कहा, “ऑर्गेनिक मेंहदी कोन का सौंदर्य के लिए प्रयोग किसी भी खास मौके को और भी खुशनुमा बना देता है। यह अपने मनोरम रंग और ठंडी तासीर  के चलते खुशी, सकारात्मक अनुभूति और गर्मजोशी का प्रतीक है। इसका पारंपरिक और औषधीय महत्व हैं, क्योंकि यह हर तरह से त्वचा के लिए लाभदायक है। मनमोहक होने के चलते यह सौंदर्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।”
एएमए हर्बल के वाईस प्रेसिडेंट, श्री अरशद अली शाह ने कहा, “शारीरिक सुंदरता को बढ़ाने के लिए मेंहदी का उपयोग पांच हजार साल पहले शुरू हुआ था। यह दुनिया भर की कई प्राचीन संस्कृतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।  आज मेहंदी को बनाने में हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल होने के कारण लोग इसका इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं।  वेजिटल सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मेहंदी कोन 100% प्राकृतिक और 97% ऑर्गेनिक है, जो ईकोसर्ट प्रमाणित प्राकृतिक तत्वों से निर्मित व रासायनिक तत्वों से मुक्त है।  हम अपने ग्राहकों को यह भरोसा दिलाते हैं कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के इस उत्पाद का उपयोग कर अपने विशेष अवसरों की खुशी बढ़ा सकते हैं।”
मेहंदी में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं। मेंहदी में मौजूद एंटीसेप्टिक एजेंट वायरल संक्रमण से बचाने में कारगर होता है। यह रक्त परिसंचरण को भी सामान्य कर स्वास्थ्य में सुधार लाता है।
बता दें, शारीरिक सौंदर्य को निखारने के लिए मेंहदी का उपयोग पांच हजार वर्ष से पहले शुरू हुआ था।  यह दुनिया भर में कई प्राचीन संस्कृतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।मेहंदिका’, संस्कृत का एक शब्द है, यही मेहंदी शब्द की उत्पत्ति भी है। पारंपरिक तरीका सौ फीसदी रसायनमुक्त था।
आज भागदौड़ वाली जिंदगी के चलते मेहंदी के रंगों का त्वरित प्रभाव पैदा करने के लिए इसके प्राकृतिक स्वभाव से खिलवाड़ करते हुए, इसमें रासायनिक तत्वों का इस्तेमाल शुरू हो गया है। आज अधिकतर लोग अपनी सेहत और जिंदगी खतरे में डालकर सुंदर दिखना चाहते हैं।
डॉक्टर अलीज़ा ज़ैदी ने इस मेंहदी के शरीर पर प्रभाव के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि आज बाजार में उपलब्ध मेहंदी कोन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल त्वचा के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं।  सबसे आम स्वास्थ्य जोखिमों में से एक है रसायनों के  सम्पर्क से होने वाला चर्मरोग।  यदि मेहंदी में मिले रासायनिक तत्व घाव में प्रवेश कर जाते है तो यह शरीर के अंदर रक्तप्रवाह के साथ शरीर के दूसरे अंगों तक पहुंच स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।  इस तरह के रसायनों से त्वचा में लालिमा, खुजली और जलन भी हो सकती है और आप इलाज के लिए बार-बार डॉक्टर के पास जाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। वेजिटल सर्टिफाइड ऑर्गेनिक मेंहदी कोन का प्रयोग हर तरह से सुरक्षित है। त्वचा के स्वास्थ्य की चिंता किए बिना ऑर्गेनिक मेंहदी कोन का प्रयोग कर उत्सव, पर्व, त्यौहार पूरी प्रसन्नता से मनाया जा सकता है।
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