
लखनऊ: दक्षिण कोरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति यून सुक-योल को अधिकारियों ने बुधवार को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। वे (Yoon Suk Yeol) अब देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिन्हें अल्पकालिक मार्शल लॉ लागू करने के चलते गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक साउथ कोरिया के भ्रष्टाचार जांच कार्यालय यानी CIO, राष्ट्रीय जांच कार्यालय (NOI) और रक्षा मंत्रालय के जांच मुख्यालय से बनी एक संयुक्त जांच यूनिट ने कहा है कि यून सुक-योल को स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10:33 बजे गिरफ्तार किया गया। मार्शल लॉ लगाना सुक एक सबसे बड़ी गलती थी, इसका अहसास होते ही सुक ने टीवी पर आकर जनता से माफी मांगी थी। सुक ने कहा था कि उन्हें इसके लिए खेद है। उनके इस फैसले से जिन लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा, उनसे वे माफी मांगते हैं। यून ने कहा था कि उन्होंने हताशा और निराशा की वजह से मार्शल लॉ लगाया था। वे मार्शल लॉ की लागू करने के फैसले के कानूनी और राजनीतिक जिम्मेदारी से नहीं बचेंगे। उन्होंने कहा कि वे अब कभी दोबारा मार्शल लॉ नहीं लगाएंगे।
सिर्फ इतना ही नहीं यून को ये भी आभास हो गया था कि वे अब इस महाभियोग ने बच नहीं सकेंगे इसलिए उन्होंने अपने राष्ट्रपति पद के भविष्य को लेकर कहा था कि वे अपने कार्यकाल समेत देश को स्थिर करने का काम अपनी पार्टी को सौंप देंगे। भविष्य में देश के मामलों के प्रबंधन के लिए उनकी पार्टी और सरकार पूरी तरह जिम्मेदार होगी।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति निवास की सुरक्षा करने वाली एक सैन्य इकाई ने मंगलवार को पुलिस और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी (सीआईओ) के अधिकारियों को राष्ट्रपति निवास में प्रवेश की मंजूरी दी थी। यह कदम इसलिए उठाया गया, ताकि महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक योल को गिरफ्तार किया जा सके। हालांकि, बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 14 दिसंबर को उन पर लगे महाभियोग के बाद से दक्षिण कोरिया राजनीतिक अनिश्चितता का सामना कर रहा है।