
बीबीएयू में ह्यूमन-वेटेरनरी ऑन्कोलॉजी और वन हेल्थ कॉन्फ्रेंस 2025 का सफल समापन
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में ‘ह्यूमन-वेटेरनरी ऑन्कोलॉजी एंड वन हेल्थ कॉन्फ्रेंस 2025’ का भव्य समापन हुआ। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बीबीएयू, इंडियन सोसाइटी फॉर वेटेरनरी सर्जरी (यूपी चैप्टर), बायोबैंक इंडिया फाउंडेशन (बीबीआईएफ) कैंसर केयर और वन हेल्थ इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। उन्होंने ‘कैंसर केयर’ विषय को एक गहन मानवीय संकट बताते हुए इसे “डेथ वारंट” की संज्ञा दी। कुलपति ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए चिकित्सा, अनुसंधान और जनजागरूकता का समन्वित प्रयास जरूरी है।कांफ्रेंस संयोजक प्रो. जी. सुनील बाबू (जैव प्रौद्योगिकी विभाग) ने कैंसर पर पिछले वर्षों में किए गए शोधों, उनके प्रकारों, गंभीरता और उपचार पद्धतियों पर व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस तरह पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ — आयुर्वेद, होम्योपैथी और योग — कैंसर सहित अन्य गंभीर रोगों की रोकथाम और उपचार में सहायक बन सकती हैं।सम्मेलन में सीडीआरआई, आईआईटीआर, सीबीएमआर, लखनऊ विश्वविद्यालय और बीएचयू सहित देश के प्रमुख संस्थानों से आए विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्र और विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंतर्गत कैंसर केयर रन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही पोस्टर और ओरल प्रेजेंटेशन सत्र में शोधार्थियों ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए।बीबीआईएफ कैंसर केयर के निदेशक डॉ. बीरेंद्र कुमार यादव ने संगठन द्वारा चलाए जा रहे जनहितकारी अभियानों और स्वास्थ्य पहलुओं पर प्रकाश डाला। समापन सत्र में डॉ. बीरेंद्र कुमार यादव, डॉ. के.के. पांडे (बीबीआईएफ) और प्रो. जी. सुनील बाबू (बीबीएयू) ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, प्रो. राम चंद्र, डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. रामनरेश भार्गव, डॉ. सुनीश कुमार सहित अनेक गणमान्य शिक्षक, शोधार्थी, अधिकारी और छात्र उपस्थित रहे।
