
भाजपा सरकार में गरीबों को न्याय नहीं, समाजवादी सरकार में लौटेगा भरोसा : अखिलेश यादव
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मौजूदा शासन में गरीबों, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ हर स्तर पर अन्याय और भेदभाव हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग पीड़ितों को अपमानित कर रहे हैं और गरीब जनता को योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में जिस प्रकार फोन करने पर तत्काल एम्बुलेंस और पुलिस सेवा मिलती थी, उसी तरह 2027 में उनकी सरकार बनने पर ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिसमें अधिकारी खुद जनता के पास जाकर सुनवाई करेंगे और उन्हें न्याय दिलाएंगे।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया है और जब से समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को चुनौती दी है, भाजपा बौखलाई हुई है। मदरसों पर कार्रवाई और वक्फ कानून में संशोधन को उन्होंने इसी मानसिकता का हिस्सा बताया।अखिलेश यादव ने भाजपा पर अवैध निर्माण और जमीनों पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा अवैध मकान भाजपा नेताओं के हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा से जवाब मांग रही है और 2027 में पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगा।जातीय जनगणना की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि यह सामाजिक न्याय की दिशा में पहला अहम कदम है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की यही भावना है कि हर जाति को उसकी आबादी के अनुसार अधिकार और सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को आगे निजी क्षेत्र और संस्थानों में आरक्षण तक ले जाया जाएगा।अखिलेश यादव ने यह भी ऐलान किया कि समाजवादी सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था को चरणबद्ध ढंग से खत्म किया जाएगा, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी और केन्द्र में सत्ता में आने पर सेना में लागू की गई अग्निवीर योजना को समाप्त कराया जाएगा।बाबा साहब की मूर्तियों के लगातार अपमान पर उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अराजक तत्वों को संरक्षण मिल रहा है, तभी पुलिस कार्रवाई से बच रही है। उन्होंने मांग की कि मूर्तियां तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
