
मिशन शक्ति 5.0 के तहत छात्राओं को दी गई साइबर सुरक्षा और बाल सुरक्षा की ट्रेनिंग
लखनऊ: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा बुधवार को थाना माल क्षेत्र स्थित देश प्रेमी शिक्षण संस्थान, रामनगर में एक विशेष बाल सुरक्षा एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर सुरक्षा, “गुड टच-बैड टच” की समझ, अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने के तरीके तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई।यह प्रशिक्षण सत्र महिला उपनिरीक्षक सपना देवी, मिशन शक्ति प्रभारी थाना माल, की देखरेख में आयोजित किया गया। उनके साथ कांस्टेबल जोगेंद्र सिंह, महिला पीआरडी उर्मिला तथा महिला पीआरडी माधुरी भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में लगभग 30 से 40 बच्चों ने भाग लिया।
सत्र के दौरान बच्चों को सहज भाषा में समझाया गया कि कौन-सा स्पर्श सुरक्षित होता है और कौन-सा स्पर्श असुरक्षित है। बच्चों को बताया गया कि यदि उन्हें कभी असहज या डरावना अनुभव हो, तो वे तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करें। साथ ही, पुलिस टीम ने बच्चों को आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों जैसे—1098 (चाइल्डलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 1930 (साइबर हेल्पलाइन)—की जानकारी दी।बच्चों को यह भी बताया गया कि थानों में महिला सुरक्षा केंद्र और महिला हेल्प डेस्क कैसे उनकी सहायता के लिए निरंतर सक्रिय रहते हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें यौन शोषण और साइबर अपराधों से बचाव के लिए सजग बनाना तथा समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था।विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने लखनऊ पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि इससे वे अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहते हैं।
गौरतलब है कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में 54 थानों पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। प्रत्येक केंद्र में एक निरीक्षक, एक अतिरिक्त निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और एक महिला उपनिरीक्षक तैनात हैं, जिन्हें महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।इस कार्यक्रम के माध्यम से लखनऊ पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज के प्रत्येक बच्चे और महिला को एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना ही मिशन शक्ति का मूल उद्देश्य है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि आगे भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे, ताकि समाज में सुरक्षा, सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को सशक्त बनाया जा सके।
