
बीबीएयू में स्वामी विवेकानंद योजना के तहत अंतिम वर्ष के छात्रों को स्मार्टफोन/टैबलेट वितरित, कुलपति ने दिया आत्मनिर्भरता का संदेश
बीबीएयू में स्वामी विवेकानंद योजना के तहत अंतिम वर्ष के छात्रों को स्मार्टफोन/टैबलेट वितरित, कुलपति ने दिया आत्मनिर्भरता का संदेश
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में 15 जुलाई को अंतिम वर्ष (पास आउट) के विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार की स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए गए। यह वितरण समारोह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।समारोह में मुख्य रूप से डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, डीएसडब्ल्यू प्रो. नरेंद्र कुमार और प्रॉक्टर प्रो. एम.पी. सिंह भी उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. मित्तल ने विद्यार्थियों को स्वयं अपने हाथों से स्मार्टफोन/टैबलेट वितरित किए और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनने की प्रेरणा दी।कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल अकादमिक सफलता ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों का सही उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ दक्षता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देता है। सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से छात्र भविष्य के लिए अधिक सक्षम बन सकते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक जुड़ाव का सशक्त जरिया बन चुका है। विद्यार्थियों को उद्यमिता की ओर भी कदम बढ़ाने चाहिए ताकि वे स्वयं के साथ समाज को भी सशक्त बना सकें। एक विद्यार्थी की प्रगति सीधे तौर पर संस्थान की प्रगति से जुड़ी होती है, इसलिए सामाजिक, डिजिटल और आर्थिक क्षेत्रों में भी छात्रों की भूमिका अहम है।स्मार्टफोन/टैबलेट पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से चमक उठे और उन्होंने इस पहल को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार जताया।कार्यक्रम के प्रथम चरण में उन छात्रों को स्मार्टफोन/टैबलेट दिए गए जिनका डाटा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वेरिफाई किया गया था। डीएसडब्ल्यू प्रो. नरेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के दूसरे चरण में 223 और विद्यार्थियों को स्मार्टफोन/टैबलेट दिए जाएंगे, जिसकी सूचना जल्द ही जारी की जाएगी।इस अवसर पर प्रो. शरद सोनकर, प्रो. मनीष कुमार वर्मा, डॉ. तरुणा, डॉ. शिव शंकर यादव समेत कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल एक तकनीकी संसाधन वितरण का कार्यक्रम था, बल्कि युवाओं को डिजिटल युग में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास भी रहा।
