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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि, संगोष्ठी में नेताओं ने किया स्मृतियों का स्मरण

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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि, संगोष्ठी में नेताओं ने किया स्मृतियों का स्मरण

लखनऊ: आधुनिक भारत के निर्माता, कंप्यूटर क्रांति के जनक और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को राजधानी लखनऊ में कांग्रेसजनों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सुबह 8 बजे कालिदास चौराहे स्थित उनकी प्रतिमा पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में अजय राय ने कहा कि राजीव गांधी ने भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए युवाओं पर विश्वास करते हुए मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की थी। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, कौशल और समान अवसरों से सशक्त करने की बात कही, और उनकी सरकार की शिक्षा नीति में यह दृष्टिकोण स्पष्ट दिखाई देता है।अजय राय ने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए 1991 के चुनाव घोषणा पत्र में जो वादा किया, उसे 1992 में 73वें संविधान संशोधन द्वारा साकार किया गया। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिकार, वित्तीय संसाधन और महिलाओं के लिए आरक्षण जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए गए।उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की दूरदर्शिता और नेतृत्व का देश हमेशा ऋणी रहेगा। एक समावेशी, शक्तिशाली और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में हर प्रयास, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इसके पश्चात पूर्वाह्न 11 बजे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। संगोष्ठी की शुरुआत राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा “मोना” सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।प्रमोद तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें राजीव गांधी के साथ निकटता से काम करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का व्यक्तित्व आत्मविश्वास, धैर्य, विवेक और सहमति की राजनीति का प्रतीक था। उनके प्रयासों से पंजाब, असम, मिजोरम और कश्मीर में शांति स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। एक भारत–श्रेष्ठ भारत उनकी परिकल्पना थी।उन्होंने आगे कहा कि राजीव गांधी ने अपने अल्प कार्यकाल में टेलिकॉम क्रांति, कंप्यूटर युग की शुरुआत, मतदान की आयु में बदलाव, पंचायती राज की नींव और नवोदय विद्यालयों की स्थापना जैसे पांच निर्णायक कदम उठाए, जिनका असर आज तक देश की प्रगति में दिखता है।संगोष्ठी में आराधना मिश्रा “मोना”, पूर्व मंत्री राजबहादुर, पूर्व विधायक सतीश अजमानी, श्याम किशोर शुक्ला, डॉ. सतीश राय, सुभाष श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने राजीव गांधी के योगदान पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें दिनेश कुमार सिंह, डॉ. शहजाद आलम, डॉ. सुशील तिवारी सोनू पंडित, जियाराम वर्मा, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, पंकज तिवारी, द्विजेंद्र त्रिपाठी, एडवोकेट प्रदीप सिंह, डॉ. लालती देवी, अनुसुइया शर्मा, संजय दीक्षित, विभा त्रिपाठी, मनोज तिवारी, अजय शर्मा, योगेश्वर सिंह, शिफा खान, अखिलेश शर्मा, नरेन्द्र त्रिपाठी, आरएस तिवारी समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।राजीव गांधी की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम उनके आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प बन गया, जहां कांग्रेसजनों ने उनके बताए रास्ते पर चलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

                               

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