
Hormuz में भारतीय जहाज पर हमला
INDIA LIVE:भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के अबू धाबी दौरे से ठीक पहले एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले को लेकर संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूएई ने इस घटना को न सिर्फ आतंकी हमला बताया है, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा खतरा भी करार दिया है। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं। सबसे अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण यूएई दौरे से ठीक पहले आया यह बयान भारत और यूएई के मजबूत रिश्तों और रणनीतिक साझेदारी को भी दर्शाता है।
यूएई के विदेश मंत्रालय यानी एमओएफए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास भारतीय जहाज को निशाना बनाना एक “खतरनाक उकसावा” है। मंत्रालय के अनुसार इस तरह के हमलों का उद्देश्य समुद्री व्यापारिक रास्तों की स्थिरता को कमजोर करना और क्षेत्र में असुरक्षा पैदा करना है। यूएई ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। बयान में यह भी कहा गया कि ऐसे हमले वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है।
यूएई ने इस पूरे मामले में भारत के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि वह समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर जरूरी सहयोग देने को तैयार है। बयान में यह भी दोहराया गया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री सुरक्षा नियमों का सम्मान किया जाना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई का यह कड़ा रुख सिर्फ एक राजनयिक बयान नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का संकेत है। पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर हमलों ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में भारत जैसे बड़े व्यापारिक देश के जहाज पर हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर मामला माना जा रहा है।
इस घटना के बाद भारत सरकार भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर हमले के पीछे कौन लोग या संगठन शामिल हो सकते हैं। फिलहाल जहाज और उसमें मौजूद कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी लगातार निगरानी की जा रही है। विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यूएई दौरा अब और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि इस दौरान समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।
गौरतलब है कि भारत और यूएई के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध बेहद मजबूत हुए हैं। दोनों देश व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में लगातार साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में यूएई द्वारा भारतीय जहाज पर हुए हमले की खुलकर निंदा करना दोनों देशों की मजबूत साझेदारी का संकेत माना जा रहा है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि इस हमले के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे में किन बड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। फिलहाल समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है