
कुशीनगर में कौशल विकास मिशन का असर, सीडीओ वंदिता ने युवाओं को बांटे प्रमाणपत्र
पडरौना, कुशीनगर: उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के योग्य बनाने में एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कुशीनगर में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) वंदिता ने विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
तकनीकी प्रशिक्षण से ही बनेगा भविष्य
समारोह को संबोधित करते हुए सीडीओ वंदिता ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक कौशल ही सफलता की असली कुंजी है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण का उपयोग नौकरी के साथ-साथ स्वयं का उद्यम शुरू करने में भी करें।
गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार की राह
जिला समन्वयक आलोक कुमार मौर्य ने मिशन की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इस तरह तैयार किया गया है, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। वहीं प्रशिक्षण प्रदाता विनायक टेक्निकल एजुकेशनल सोसाइटी के प्रदेश समन्वयक इंजीनियर रिजवान अहमद ने बताया कि सभी पाठ्यक्रम उद्योग की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किए गए हैं, जिससे प्रशिक्षार्थियों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
ग्रामीण युवाओं के जीवन में बदलाव
कार्यक्रम के दौरान कई प्रशिक्षार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कौशल प्रशिक्षण से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। जिला कौशल प्रबंधक कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस मिशन के माध्यम से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर केंद्र प्रबंधक साबीर अंसारी, अमन श्रीवास्तव, शालिनी सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
