
जंतर-मंतर पर बवाल!
INDIA LIVE: राजधानी दिल्ली में CJP के संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के जरिए रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहे।
दरअसल, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बेहद कड़ी कर दी गई थी। संसद भवन, विजय चौक और जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन टीम और एंटी-रायट गियर से लैस सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे।
प्रदर्शन के दौरान कई सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी जंतर-मंतर पहुंचे। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की जानकारी भी सामने आई। उनके पहुंचने के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग नेताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील भी की।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक के समर्थन और उनके द्वारा लिखे गए पत्र के बाद CJP ने संसद मार्च का आह्वान किया था। इसी आह्वान के तहत बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है।
जंतर-मंतर से सामने आई बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और प्रदर्शन की तस्वीरों ने पूरे घटनाक्रम को चर्चा का विषय बना दिया है। एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे, तो दूसरी ओर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही। फिलहाल हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। इस मामले में आगे क्या फैसला होता है और प्रदर्शन किस दिशा में बढ़ता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।