
10 हजार से अधिक के पेमेंट पर RBI के 7 नए नियम! जानिए बड़े लेनदेन को लेकर क्या बदलेगा?
RBI 7 NEW RULES: डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग लेनदेन करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। आज के समय में UPI, IMPS, NEFT और मोबाइल बैंकिंग के जरिए बड़ी रकम का भुगतान आम हो गया है। ऐसे में 10 हजार रुपये से अधिक के पेमेंट पर नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि RBI ने केवल 10 हजार रुपये से अधिक के सभी पेमेंट पर लागू होने वाले सात नए नियमों की कोई सार्वभौमिक घोषणा नहीं की है। इसलिए वायरल दावों को आधिकारिक जानकारी के बिना सच मानना ठीक नहीं होगा।
RBI के प्रस्तावित 7 बड़े बदलाव
1. एक घंटे की रोक: 10 हजार रुपये से अधिक के कुछ डिजिटल ट्रांसफर पर एक घंटे का कूलिंग-ऑफ समय रखने का प्रस्ताव है।
2. पेमेंट रद्द करने का विकल्प: इस अवधि में ग्राहक संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रद्द कर सकेंगे।
3. ट्रस्टेड पर्सन की मंजूरी: बुजुर्गों और विशेष जरूरत वाले ग्राहकों के 50 हजार रुपये से अधिक के कुछ लेनदेन में भरोसेमंद व्यक्ति की अतिरिक्त मंजूरी का प्रस्ताव है।
4. संदिग्ध खातों पर निगरानी: साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले खातों में आने वाली रकम पर सीमा लगाई जा सकती है।
5. किल स्विच सुविधा: ग्राहक एक ही विकल्प से UPI, कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल पेमेंट बंद कर सकेंगे।
6. अतिरिक्त सुरक्षा जांच: जोखिम वाले लेनदेन में अतिरिक्त प्रमाणीकरण की व्यवस्था की जा सकती है।
7. फ्रॉड रोकने के लिए निगरानी: बैंकों को संदिग्ध ट्रांजैक्शन की पहचान के लिए बेहतर निगरानी और तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया है।
क्या अभी से लागू हो गए हैं नियम?
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये बदलाव RBI के अप्रैल 2026 के चर्चा पत्र में रखे गए प्रस्ताव थे। इन्हें तत्काल लागू नियम बताना सही नहीं है। RBI का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाना और ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाना है।