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मतदाता सूची की गुणवत्ता सुधार हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रारम्भ

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मतदाता सूची की गुणवत्ता सुधार हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रारम्भ

लखनऊ: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 403 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) का तीन चरणों में एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 17, 19 एवं 25 जून 2025 को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), अलीगंज, लखनऊ में आयोजित हो रहा है।प्रशिक्षण सत्र के पहले चरण का शुभारम्भ मंगलवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस सत्र में 124 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि मतदाता सूची में हर पात्र नागरिक का नाम दर्ज होना सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसके लिए यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची से जुड़े विधिक पहलुओं के साथ-साथ ईआरओ एवं बीएलओ की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बूथों पर लिंगानुपात कम है, उन्हें चिन्हित कर बीएलओ के माध्यम से छोटे समूहों में विशेष कार्ययोजना के तहत सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। इसी प्रकार, 18-19 आयु वर्ग के नए मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम समय से सूची में जोड़े जाने की भी व्यवस्था की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों को मतदाता सूची की प्रतियां आलेख्य प्रकाशन और अंतिम प्रकाशन के दिन निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएं।प्रशिक्षण के दौरान ईआरओ नेट और बीएलओ ऐप के माध्यम से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों की जानकारी का मूल्यांकन करने के लिए प्रश्नावली परीक्षा भी आयोजित की गई।गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मई और जून 2025 में पांच चरणों में प्रदेश के प्रत्येक जनपद से एक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से एक बीएलओ सुपरवाइजर को आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अंतिम प्रशिक्षण सत्र 23 और 25 जून को प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के समस्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और दिल्ली में प्रशिक्षित बीएलओ सुपरवाइजरों को 12 जून 2025 को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।यह चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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