
लखनऊ में थाई संस्कृति की रंगीन शाम: “ए जर्नी टू एक्सपीरियंस थाईनेस” कार्यक्रम में दिखी ‘थाईलैंड’ की जीवंत झलक
लखनऊ में थाई संस्कृति की रंगीन शाम: “ए जर्नी टू एक्सपीरियंस थाईनेस” कार्यक्रम में दिखी ‘थाईलैंड’ की जीवंत झलक
लखनऊ: होटल हयात रीजेंसी, गोमतीनगर में आज एक भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक संध्या “ए जर्नी टू एक्सपीरियंस थाईनेस” का आयोजन किया गया, जिसमें लखनऊवासियों को थाईलैंड की समृद्ध संस्कृति, खानपान और जीवनशैली का जीवंत अनुभव कराया गया। इस विशेष आयोजन का आयोजन शीराज़ टूर्स और फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर के संयुक्त प्रयास से किया गया, जिसमें शहर की सैकड़ों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत थाईलैंड से आए पेशेवर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक थाई नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों को थाई संस्कृति की सुंदरता और विविधता से परिचित कराया। महिलाओं को ध्यान में रखते हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में थाई वेलनेस थैरेपी, छाते पर लाइव पेंटिंग कार्यशाला, कुकिंग डेमो, इंटरैक्टिव गेम्स जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिन्हें प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ अनुभव किया।एक खास आकर्षण रहा “टूरिज्म ऑफ थाईलैंड” द्वारा प्रस्तुत सत्र, जिसमें थाईलैंड को एक महिला-अनुकूल पर्यटन गंतव्य के रूप में पेश किया गया। इस दौरान विशेष महिला ट्रैवल पैकेज भी साझा किए गए, जिससे प्रतिभागियों को सुरक्षित और रोमांचक अंतरराष्ट्रीय यात्रा के नए विकल्पों की जानकारी मिली।कार्यक्रम में थाई सेल्फी पॉइंट और लकी ड्रा ने भी प्रतिभागियों में उत्साह बढ़ाया। लकी ड्रा में भाग्यशाली विजेता के रूप में भावना अनिमेष, नुपुर गुप्ता, रीना सिंह और स्मिता के नाम सामने आए, जिन्हें थाईलैंड से जुड़ी खास उपहार भेंट किए गए।कार्यक्रम का समापन थाईलैंड के प्रामाणिक व्यंजनों से सजे एक शानदार थाई डिनर के साथ हुआ, जिसमें अतिथियों ने पारंपरिक स्वादों का भरपूर आनंद लिया।इस अवसर पर शीराज़ टूर्स की हिना शीराज़ और फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की चेयरपर्सन वंदिता अग्रवाल, सीनियर वाइस चेयरपर्सन सिमरन साहनी, वनिता यादव, पूजा सिकेरा और तूलिका कपूर सहित कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं। इनकी सहभागिता ने इस कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।लखनऊ की इस सांस्कृतिक संध्या ने यह सिद्ध कर दिया कि शहर की महिलाएं न केवल पर्यटन और सांस्कृतिक विविधता में रुचि रखती हैं, बल्कि वे ऐसे आयोजनों को सक्रिय रूप से अपनाकर वैश्विक संस्कृति की राजदूत भी बन रही हैं।
