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स्मारक घोटाला मामले में बाबू सिंह कुशवाहा की FIR रद्द करने की याचिका ख़ारिज

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लखनऊ : हाईकोर्ट ने 1400 करोड़ रुपये के स्मारक घोटाले में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की ओर से अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की  याचिका खारिज कर दी है. मायावती सरकार में हुए स्मारक घोटाले के आरोपी पूर्व कैबिनेट मंत्री कुशवाहा ने अपने खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अर्जी दी थी, जिसको हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया. अपने फैसले में कोर्ट ने जांच एजेंसी को आदेश दिया है कि विवेचना में तेजी लाकर 4 हफ्ते के अंदर विवेचना को पूरा किया जाए और संबंधित कोर्ट में रिपोर्ट दी जाए.

आपको बताते चलें कि बाबू सिंह कुशवाहा की ओर से स्मारक घोटाले में 2014 में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी. कुशवाहा के वकीलों का तर्क था कि इस मामले की विवेचना पिछले 7 साल से चल रही है, लेकिन अभी तक बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ जांच एजेंसी को कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं. लिहाजा इस एफआईआर को रद्द किया जाए.

वहीं अपर शासकीय अधिवक्ता एसएन तिलहरी ने तर्क दिया कि लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही 2014 में यह एफआईआर दर्ज हुई थी और इसमें सिर्फ कुशवाहा ही नहीं बल्कि कई हाई प्रोफाइल लोग आरोपी बनाए गए हैं और विवेचना जारी है. सरकारी वकील का तर्क था कि विवेचना में प्रथम दृष्टया बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ जांच एजेंसियों को सबूत मिले हैं, इसलिए एफआईआर रद्द नहीं की जानी चाहिए.

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