
बिजनौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बन्द घरों में चोरी करने वाले दो शातिर चोर गिरफ्तार, ज्वैलरी, नगदी और कार बरामद
बिजनौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बन्द घरों में चोरी करने वाले दो शातिर चोर गिरफ्तार, ज्वैलरी, नगदी और कार बरामद
लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन के थाना बिजनौर की पुलिस टीम ने बन्द पड़े घरों में चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई ज्वैलरी, 46,500 रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त हुंडई औरा कार बरामद की है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान संदीप कुमार रावत उर्फ छोटू (28 वर्ष), निवासी ग्राम ख्वाजापुर औरंगाबाद खालसा, थाना आशियाना तथा मोनू रावत (38 वर्ष), पुत्र रामअवतार, निवासी ग्राम ख्वाजापुर औरंगाबाद खालसा, थाना आशियाना के रूप में हुई है।घटना 23 अक्टूबर 2025 की है जब ओमेक्स सिटी, बिजनौर रोड निवासी अरुण यादव अपने घर से बाहर गए हुए थे। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि घर की खिड़की की ग्रिल और दरवाजे पर लगे कैमरे टूटे हुए हैं। घर के अंदर जाने पर पता चला कि अलमारी से कैश और गहने चोरी हो गए हैं, जिनकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये थी। इस पर थाना बिजनौर में मामला दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया।पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल व तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि चोरी की वारदात में क्षेत्र के दो शातिर अपराधी शामिल हैं। पुलिस ने 8 नवम्बर 2025 को न्यू गुडौरा अंडरपास सर्विस लेन से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने यह चोरी सोची-समझी योजना के तहत की थी।जांच में सामने आया कि मोनू रावत की पत्नी राधिका ओमेक्स सिटी में कई घरों में काम करती है। उसने ही अपने पति को बन्द पड़े मकानों की जानकारी दी थी। इसी सूचना के आधार पर मोनू और उसका साथी संदीप रात में घर का दरवाजा तोड़कर भीतर घुसे और नकदी व गहनों की चोरी की। पुलिस ने बताया कि चोरी के बाद संदीप की पत्नी राजकुमारी चोरी के गहने और रुपये लेकर फरार हो गई। दोनों महिलाओं की तलाश जारी है।पुलिस ने बरामदगी में एक चेन, दो रिंग, दो ब्रेसलेट, चार बच्चों के कड़े, एक सिक्का, एक जोड़ी पायल, 46,500 रुपये नगद और सफेद रंग की हुंडई औरा कार (UP32XN7536) जब्त की है।अभियुक्त संदीप रावत का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ आशियाना, गाजीपुर और पीजीआई थानों में लूट और चोरी के एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका है। वहीं मोनू रावत के खिलाफ भी बिजनौर थाने में मामला दर्ज किया गया है।थाना बिजनौर पुलिस ने मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि यह गैंग लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में बन्द पड़े घरों को निशाना बनाता था और मौका देखकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अब फरार अभियुक्ताओं की गिरफ्तारी और शेष चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
