diwali horizontal

वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा अभियान पूरा, 17.95 लाख से अधिक हस्ताक्षर दिल्ली रवाना — आराधना मिश्रा मोना ने साधा भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना

0 60

वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा अभियान पूरा, 17.95 लाख से अधिक हस्ताक्षर दिल्ली रवाना — आराधना मिश्रा मोना ने साधा भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत से पूरे देश में हो रही वोट चोरी के खिलाफ चलाए गए वृहद जनजागरूकता अभियान की सभी चरणों की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। इस अभियान की विस्तृत जानकारी देने के लिए आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी.एल. पुनिया (सांसद), सांसद किशोरी लाल शर्मा, सांसद उज्जवल रमण सिंह, पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, निवर्तमान कोषाध्यक्ष शिव पाण्डेय, मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष श्रीवास्तव हिंदवी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में 7 अगस्त 2025 से देशव्यापी अभियान ‘‘वोट चोर गद्दी छोड़’’ की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को जागरूक कर लोकतंत्र के संरक्षण की दिशा में जनआंदोलन खड़ा करना था। उन्होंने बताया कि 12 और 13 अगस्त को उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर राहुल गांधी की प्रेसवार्ता को प्रोजेक्टर और वीडियो के माध्यम से दिखाया गया, जबकि 14 अगस्त को लखनऊ में कैंडल मार्च निकाला गया।इसके बाद 7 सितम्बर 2025 को सीतापुर के बिसवां में ‘‘वोट चोर गद्दी छोड़’’ राज्य स्तरीय रैली आयोजित की गई। 15 सितम्बर से 8 नवम्बर तक पूरे प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसके तहत 17,95,370 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। ये सभी हस्ताक्षर अब दिल्ली भेजे गए हैं।मोना ने बताया कि नवंबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें पूरे देश से जुटाए गए 5 करोड़ हस्ताक्षर महामहिम राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे।उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में फॉर्म और दस्तावेज जमा करने के बावजूद मतदाता सूची से गैर-भाजपा मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यही नहीं, हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई। लगभग 2 करोड़ वोटरों में से 25 लाख वोट चोरी हुए यानी हर आठ में से एक वोट गायब था। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि हरियाणा में 5,21,619 डुप्लीकेट वोटर, 93,714 अमान्य पते, 19,26,351 थोक वोट और 1,12,417 नकली फोटो वाले वोट पाए गए।मोना ने कहा कि 3.5 लाख मतदाताओं के नाम लोकसभा चुनाव 2024 में वोट डालने के बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हटा दिए गए। उन्होंने इसे ‘SIR’ यानी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ के नाम पर चल रही वोट चोरी की नई साजिश बताया।उन्होंने कहा कि 1960 का लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम स्पष्ट रूप से कहता है कि पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, न कि मतदाताओं की। लेकिन अब आयोग ने यह जिम्मेदारी मतदाताओं पर डाल दी है, जो असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट के 1995 के फैसले — लाल बाबू हुसैन बनाम इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर — का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकता निर्धारण चुनाव आयोग का कार्य नहीं है, बावजूद इसके ईसीआई इस दिशा में मनमानी कर रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में ईसीआई ने जिस तरह से दस्तावेज मांगे, उससे अगर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप न किया होता तो 2 से 3 करोड़ गरीब मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो जाते।
प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस के ‘‘वोट चोर गद्दी छोड़’’ अभियान के तहत पूरे प्रदेश से जुटाए गए हस्ताक्षर फार्मों से लदी गाड़ी को आराधना मिश्रा मोना, पी.एल. पुनिया, किशोरी लाल शर्मा और उज्जवल रमण सिंह ने पार्टी का झंडा दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोर गद्दी छोड़’’ के नारे लगाते हुए अभियान को जनआंदोलन में बदलने का संकल्प लिया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.