
नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी पर नई FIR — EOW ने दर्ज किए गंभीर आरोप
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर आधारित है। एफआईआर संख्या 0124/2025 के तहत कुल नौ आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें छह व्यक्ति और तीन कंपनियाँ शामिल हैं। EOW की एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस से जुड़ी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) कंपनी की लगभग 2,000 करोड़ रुपए कीमत वाली संपत्तियों पर धोखाधड़ी से कब्ज़ा करने की साज़िश रची गई। AJL, जो नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक है, 2008 में वित्तीय संकट के कारण बंद हो गई थी।
उस समय AJL पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का 90.21 करोड़ रुपए का ब्याज रहित ऋण बकाया था। आरोप है कि 2010 में गठित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए इस ऋण को मात्र 50 लाख रुपए में खरीद लिया गया। यंग इंडियन में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास संयुक्त रूप से 76 प्रतिशत शेयर हैं, जिससे वे इसके लाभार्थी मालिक बने। ED की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि यंग इंडियन को एक स्पेशल पर्पस व्हीकल के रूप में बनाया गया, जिसका उपयोग सार्वजनिक धन को निजी हितों में बदलने के लिए किया गया।
एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और सुनील भंडारी को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड, डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
